आप का शक जानलेवा भी हो सकता है – मोहन और उसकी पत्नी की दर्द भरी कहानी

Share Button

अगर आप का रिस्ता किसी के साथ अच्छा है तो वह आप पर खुद से ज्यादा भरोसा करता है , इसके बदले में आप को भी उस इंसान पर उतना ही भरोसा करना चाहिए |
हम लोग अगर एक दूसरे पर भरोसा या विश्वास करना जब छोड़ देते है तब यह एक शक में बदल जाता है , जिसका इस दुनिया में कोई इलाज नहीं है | आज में आप लोगो को मोहन नाम के एक आदमी की कहानी बताता हु , जो बहुत ही अच्छा इंसान था लेकिन लोगो ने उसके भरोसे को तोड़ दिया |

नीम की डाल – एक शैतान बालक की कहानी

मोहन की नयी -२ शादी हुई थी , वह अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था और उसकी पत्नी भी उससे बहुत प्यार करती थी | दोनों एक दूसरे पर बहुत ही ज्यादा भरोसा करते थे
और अपनी हर बात एक दूसरे से जरूर शेयर करते थे | मोहन के दोस्तों को मोहन का मजाक करने में बहुत ही मजा आता था , लेकिन मोहन बेचारा कुछ भी नहीं बोलता था बस सुनकर रह जाता था | एक दिन की बात है मोहन अपने कुछ दोस्तों के साथ बागीचे में आराम कर रहा था , तभी एक दोस्त ने मजाक में पूछा और भाई भाभी जी का कोई चक्कर तो नहीं है न | यह सुनकर सब लोग हसने लगे , लेकिन मोहन को यह मजाक पसंद नहीं आया और वह अपने दोस्तों से बोला तुम लोगो को जो बोलना है मुझको बोलो , मेरी पत्नी को कुछ मत बोलो वह मुझसे बहुत प्यार करती है |

तभी एक दोस्त ने बोला भाई सुना है आज कल तुम्हारे बगल वाले करन का तुम्हारे घर में कुछ ज्यादा आना जाना लगा है , कही वह भाभी जी को पसंद तो नहीं करता | यह सब सुनकर मोहन वहा से चला गया और सोचने लगा , अब उसके मन में शक पैदा हो गया | वह अब अपनी पत्नी पर नजर रखने लगा और करन को भी देखने लगा |

एक दिन की बात है की मोहन की पत्नी और करन घर पर अकेले थे , करन , मोहन की पत्नी से रिमोट मांग रहा था तभी उसका पैर फिसल गया और वह मोहन की पत्नी के ऊपर जा गिरा | मोहन के हाथ में पानी की बोतल भी थी जो उसकी पत्नी पर गिर गया और वह पानी को साफ़ करने लगा | तभी अच्चानक मोहन आ गया और उसने देखा करन और उसकी पत्नी एक दूसरे से लिपट गए है , यह देख मोहन परेशान हो गया और उसको अपने दोस्तों से कही हुई बात याद आ गयी | उसने एक डंडे से करन के सर पर मारना स्टार्ट कर दिया और जब तक करन मर नहीं गया तबतक उसको मारता रहा , उसकी पत्नी ने उसको बहुत रोका लेकिन वह नहीं माना | मोहन ने अपनी पत्नी को खूब मारा , वह उसको चोर कर अपने माँ के घर चली गयी |

दो विकलांगो की कहानी

इधर मोहन भी बहुत परेशान रहने लगा , एक दिन मोहन घर की आलमारी पर राखी बुक को देखा तो उसपर करन का दिया हुवा गिफ्ट था , जिसपर लिखा था तुम्हारा भाई करन | यह पढ़ कर मोहन के होश उड़ गए , क्युकी मोहन की पत्नी का कोई भाई नहीं था और वह करन को अपना भाई मानती थी और उसको रक्षाबन्ध भी बांधा था | मोहन को अब समझ में आ गया की शक बहुत ही गलत लत है , शक की वजह से उसने अपनी पत्नी और घर सब को गवा दिया और प्यूरी जिंदगी भर जेल में चला गया |

दोस्तों अगर यह कहानी आप लोगो को अच्छी लगे तो जरूर शेयर करे , ताकि मोहन जैसे लोग सुधर जाये और करन जैसे निर्दोष लोग मारे न जाये |

Share Button
loading...

Related posts

Leave a Comment