गावं से शहर की ओर – एक अनोखी कहानी

gawaon se sahar ke aor
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बहुत समय पहले की बात है एक किसान था , जो की अपने घर पर ही रहता था और खुश नहीं था । उसके खुश न रहने का कारन यह था की वह हमेसा अपने गावं से परेशान रहता था और उसको लगता था की यह गावं एक जंगल है और वह इस जंगल में अकेला रहता है । समय कुछ और बीता तो उसको एक सुझाव आया की क्यू न अपना सबकुछ बेच कर शहर में जाकर एक आलिशान घर लेकर रहू । फिर क्या था उसका एक दोस्त शहर में रहता था उसने फ़ोन करके उसको बुलाया और बोला दोस्त मैं भी अब शहर में शिफ्ट होना चाहता हूँ । फिर उसके दोस्त ने पूछा क्यू , किसान ने बताया की वह यहाँ की जिंदगी से परेशान हो गया है । यहाँ पर न रास्ता सही है, बारिश होने पर यहाँ पर पानी आ जाता है, जब तेज हवा चलती है तो घर में पेड़ के पाते भर जाते है । इसी वजह से में यह घर छोड़ कर जाना चाहता हूँ । फिर क्या था उसके दोस्त ने बोला कोई बात नहीं मैं बहुत ही जल्द तुम्हारा घर बिकवा दूंगा , ऐसा बोलकर वह शहर को चला गया ।

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कुछ और टाइम बीता और एक दिन वह अखबार में एक विज्ञापन देखा की एक घर बहुत ही सुन्दर है और उसपर लिखा है शहर की भीड़ – भाड़ से दूर , पहाड़ियों से घिरे , सुन्दर पर्यावरण में अपना घर बनाये । यह देख उस किसान ने सोचा आज ही इस घर की बुकिंग करता हूँ । उसने जब उस फ़ोन नंबर को देखा और कॉल किया तो उसने देखा यह पोन नंबर उसका ही है और यह विज्ञापन उसके घर का ही है । यह सब देख उसको बहुत ही अफ़सोस हुवा और वह समझ गया की वह अपने सपनो के घर में ही रहता है ।

दोस्तों इसी तरह हमारी आप की जिंदगी में भी है की हमारे पास सबकुच होते हुवे भी हम दूसरी चीजों के पीछे भागते है । हम लोग यही सोचते है की हमारे ही जीवन में बहुत सारे प्रॉब्लम है । हमलोगो को जरुरत है अपनी सोच को बदलने की ।

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