गलती का एहसास – टिंकू और राजू की कहानी – Two Friends Real Story

motivational stories in hindi
Share Button

टिंकू और राजू बहुत अच्छे दोस्त है और हमेशा साथ मे ही घुमाते थे | एक दिन की बात है टिंकू और राजू एक साथ खेलने को निकले |
राजू बोला – रोज – रोज टेनिस खेलते – खेलते मे थक चूका हू , क्यों न आज कोई नया खेल खेले |

टिंकू ने बोला – हा यार मे भी पक गया हू, चलो आज गिल्ली – डंडा खेलते है |

राजू ने कहा- पर गिल्ली – डंडा तो टीपू के घर पर है , चलो उसके घर चलते है |

फिर दोनों दोस्त टीपू के घर की तरफ चल पड़े , रास्ते मे फलो की दूकान से टिंकू ने दो केला लिया | एक केला राजू को देकर दूसरा केला खुद रख लिया |राजू ने केला खाने के बाद छिलका कचरे के डिब्बा मे दाल दिया , लेकिन टिंकू ने उसका छिलका रोड पर ही फेक दिया |
राजू ने कहा – अरे टिंकू , यह क्या किया तुमने , केले का छिलका ने रोड पर क्यों फेक दिया , क्या तुमको पता है इस छिलके पर किसी का पर फिसल जाये तो उसको बहुत नुक्सान होगा |
टिंकू बोला – अगर तुम को लोगी की बहुत चिंता है तो तुम ही चिल्का उठाकर फेक दो , यह सुनकर राजू चुप हो गया |
अभी वे कुछ ही कदम आगे चले थे की सामने से एक गाय दौड़ती हुई आ रही थी , उसको अपनी तरफ आते देख दोनों उलटे पैर भागने लगे | राजू दौड़ते हुवे सड़क के एक कीनारे पर जाकर रुक गया , टिंकू भी मुड़ने लगा , लेकिन तभी उसका पाँव अपने द्वारा फेके गए केले के छिलके पर पड़ गया और वह वही गिर गया | गाय तो भागती हुवे आगे नीकल गयी पर टिंकू खड़ा नहीं हो पा रहा था , राजू जल्दी से जाकर टिंकू को उठाया |
राजू ने कहा देखा न केले का चिल्का रोड पर फेकने का नतीजा , इस पर टिंकू ने केले का छिलका उठाया और कचरे के डिब्बे मे जाकर फेक दिया | यह सब देख राजू बहुत खुश था की टिंकू को अपनी गलती का एहसास हो गया |

Share Button

loading...
loading...

Related posts

Leave a Comment