एक चोर की सच्ची कहानी ( The true story of a thief)

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बहुत समय पहले की बात है की नंदन गावं में एक चोर रहता था , वह बहुत ही खतरनाक और चालाक चोर था | आज तक उसको कोई भी चोरी करते पकड़ नहीं पाया था | उसका एक बेटा पलटन था वह हमेसा अपने बेटे को अच्छी बात बताता था और जब उसका बेटा पूछता था की पाप सब लोग आप को चोर क्यों बोलते है , तो वह बोलता था बेटा सब लोग गलत बोलते है में ऐसा नहीं हु सब लोग हमारी हर चीज से जलते है | सब लोग यह नहीं चाहते है की तुम अच्छे स्कूल में पढ़ो | उसके बाद वह खुश हो जाता और अपने दोस्तों के साथ खेलने चला जाता |
टाइम बीतता चला गया और एक दिन उसका बेटा बड़ा हो गया और बारहवी पास कर लिया , लेकिन सामू चोर के पास इतना पैसा नहीं था की वह अपने लड़के को और आगे पढ़ा सके | उसका लड़का बहुत जगह अप्लाई किया नौकरी के लिए लेकिन काम पढ़ा होने की वजह से उसको कोई भी नौकरी नहीं देता | सामू को अपने बेटे को लेकर चिंता सताने लगी वह बेटे के लिए कुछ करना चाह रहा था , लेकिन उसकी बात कोई नहीं मानता | लास्ट में जब सामू को कोई रास्ता नहीं दिखा तो सामू ने अपने बेटे को चोर बनाने का सोच लीया और एक दिन रात को उसको लेकर निकल पढ़ा | पलटन को यह पता नहीं था की वो लोग चोरी करने जा रहे है , अभी कुछ दूर वो लोग चले थे की एक सेठ का घर दिखाई पड़ा और वह अपने बेटे से बोला हम लोगो को यही चोरी करना है | पलटन सेठ की घर की लाइट को बहुत ही ध्यान से देख रहा था और कुछ सोच रहा था , तभी उसके पाप ने उसको बुलाया और बोला बेटा हम लोगो को इस रास्ते से घर में जाना है | पलटन अब भी लाइट को देख रहा था , तभी सामू ने पूछा क्या हुवा तो पलटन ने बोला – पाप में यह चोरी नहीं कर सकता | सामू ने पूछा क्यों- तो पलटन ने बोला – ये लोग ईमानदारी और मेहनत से कमाते है तभी इनके घर में हमेसा रौसनी रहती है और हम लोग चोरी से बहुत कमाते है फिर भी हम अँधेरे में ही रहते है | यह सुनकर सामू सरम से लाल हो गया और उस दिन से चोरी को छोड़ दिया |

दोस्तों इस कहानी से हम लोगो को यही सीख मिलती है की ईमानदारी की कमाई कभी बेकार नहीं जाती है | ईमानदारी की कमाई से भी लोग धनवान बनते है लेकिन इसमे कुछ टाइम लगता है | आप को यह कहानी कैसी लगी कमेंट बॉक्स में लिखकर बताइए|

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