दो विकलांगो की कहानी

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इंटरव्यू देने के लिए कई युवक आये हुए थे , एक स्थान विकलांग प्रतयाशी के लिए था | सारे युवक के अलावा विकलांग के केवल दो युवक आए थे | दोनों युवको मे किसी एक का सिलेक्शन होना था | आज कल सरकारी नौकरी मिलना आसान नहीं है | दोनों विकलांग बहुत ही आसा लेकर वहां पहुंचे थे , जबकि सिलेक्शन किसी एक का होना था | दोनों ही बेरोजगार थे और विकलांग बेरोजगार के कंडीशन नार्मल लोगो से बुरी होती है |

रोहन और रमन नाम था उन दो विकलांगो का , रमन , रोहन से जादा विकलांग है , रमन का हाथ और पैर दोनों जगह से विकलांग है , वह अपने सभी काम के लिए दूसरों पर ही निर्भर रहता था | रोहन ने सोचा इस लड़के को नौकरी जरूर मिलनी चाहिए , क्युकी वह उससे जादा विकलांग है | रोहन भी बड़ी मुस्किल से ही जिन्दगी गुजार रहा था | रोजगार का औसर बार – बार नहीं आता | रमन को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया और वह इंटरव्यू देकर बाहर आया उसके बाद रोहन को बुलाया गया , लेकिन रोहन अंदर नहीं गया और बाहर ही रमन से बोल दोस्त आप को इस नौकरी के बहुत जादा जरुरत है , मे तो कही भी नौकरी कर लूंगा |
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