सलाम का अधिकारी – एक लकडहारे की कहानी

cutterman
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एक बार विस्व विजेता नेपोलियन बोनापार्ट अपनी पत्नी के साथ घूमने निकले | रास्ते मई एक आदमी मिला | वह लकड़ियों की भारी गठर लिए पसीने से तर -तर हो रहा था | रास्ते मे नेपोलियन ने एक वोर हट कर उसे रास्ता दे दिया |लकडहारा बिना सलाम किये उनकी पास से चला गया | यह देख नेपोलियन की पत्नी का घमंड जाग उठा |

nepoliyan

वह बोली यह कितना मूर्ख है , इसने हमें सलाम तक नहीं किया |

पत्नी की बात सुनकर नेपोलियन मुस्कुराते हुए बोले – तुम ने देखा नहीं उसके सरीर से श्रम , पसीना बन कर बह रहा था | श्रम के सामने तो हर आदमी को झुकना चाहिए | वह लकडहारा हमारे सच्चे सलाम का अधिकारी है | नेपोलियन की बात सुनकर उनकी पत्नी सरम से चुप ही रही | इसलिए मेहनत के आगे सब को झुकना पड़ता है |

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2 thoughts on “सलाम का अधिकारी – एक लकडहारे की कहानी

  1. yogesh

    sir mujhe kahani bahut achha lg rha hai.aap or v kahani post krte rhiye

    1. hindibabu

      Thanks Yogesh je aap ke nice reviw ke leya.

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