साधु के क्रोध और प्यार की कहानी

साधु के क्रोध और प्यार की कहानी
Share Button

फरुखाबाद गंगा का तट , आशा के विपरीत एक साधु बहुत देर तक गालियां बकता रहा | जब गालियां बकते -बकते थक गया तो अपने कुटिया के भीतर चला गया | अगले दिन फिर सुबह वही सिलसिला , लोग हैरान रहते की यह कैसा साधु है जो की भगवान् के भजन के बजाय गालियो के प्रवचन करता है |उसकी कुटिया से थोड़ी ही दूर पर एक और कुटिया बनी हुई थी , उसमें एक महात्मा रहते थे | पता चला की वह साधु उन्ही पर गलीयो की बारिश करता था…

Share Button
Read More

घमंड – चुनमुन, मीकू और चीकू की कहानी

घमंड – चुनमुन, मीकू और चीकू की कहानी
Share Button

देवल गावँ के बहार एक पीपल का पेड़ था | पेड़ के पास एक कुआँ था | कुआँ बहुत पुराना और गहरा था | कुआँ मे जहाँ पानी था वहाँ रौशनी बहुत काम थी | कुआँ के गहरे पानी मे मीकू और चीकू नाम के दो मेढक रहते थे | वे पानी मे टांग फैलाकर हमेशा तैरते रहते थे , तैरना उनको बहुत अच्छा लगता था | बैठेने की कोई जगह भी तो नहीं थी , जहाँ पर वे बैठ कर कुछ कर सके | पानी की सतह से ऊपर…

Share Button
Read More