कैसे पैसे की लालच इंसान को पागल बना देती है

कैसे पैसे की लालच इंसान को पागल बना देती है
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हम सब लोग आज बहुत ही तनाव में जीवन बीताते है और हमेसा अपने जीवन को लेकर चिंता में पड़े रहते है की जीवन में क्या होगा | लेकिन इन सब के बीच में हम यह भूल जाते है की जीवन सिर्फ और सिर्फ पैसा कमाने के लिए नहीं bana है , लेकिन आज कल के लोग न इस बात को समझ नहीं पा रहे है | हर कोई यही चाहता है की सफल कैसे हो और वो भी ज्यादा पैसा कमाने वाली सफलता कब मिलेगी | कोई यह नहीं…

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ज्ञानी बालक और राजा की कहानी

ज्ञानी बालक और राजा की कहानी
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बहुत समय पहले की बात है की एक राजा एक घने जंगल में शिकार कर रहा था तभी अचानक तेजी से बारिश होने लगी और हवा भी बहुत तेज से चलने लगी | जब कुछ देर बाद बारिश बंद हो गयी तो राजा ने देखा की कोई भी सैनिक उसके साथ नहीं है और वह उनसे बिछड़ गया था | घने जंगल में पैदल चलने के कारण राजा को बहुत तेज भूख और प्यास लग गयी थी | वह बहुत ही परेशान हो गया था तभी तीन लड़के आते दिखाई…

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घमंडी कुत्ता मोंटू की कहानी – A arrogant dog story in hindi

घमंडी कुत्ता मोंटू की कहानी – A arrogant  dog story in hindi
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ग्रीन पार्क में बहुत सारे छोटे बच्चे पढ़ते थे | इंटरवल की घंटी बजते ही सब लोग बाग़ में आकर खड़े हो जाते | वहाँ वे बिस्कुट , केक , ब्रेड और अपने साथ लाई हर चीज मिल बॉट कर खाते थे | जो चीज बच जाते उसको वो वही फेक दिया करते थे | उसी बाग़ में कई पक्षी और एक गिलहरी आकर बच्चो की बची हुवी खा जाया करते थे | कालू कौवा , जूही मैना , टीलू कबूतर और नन्ही सी चिंकी गौरया तो वहाँ हर रोज…

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देश के लिये बलिदान – श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की कहानी

देश के लिये बलिदान – श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की कहानी
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यह बात उस समय की है जब लाल बहादुर शास्त्री रेल मंत्री थे | एक स्टेशन मास्टर ने एक राज्य मंत्री की बात नहीं मानी तो उन्होंने उसका तबादला कर देने की धमकी दी | उन्होंने इसके लिये लाल बहादुर शास्त्री जी से सीकायत की और उस स्टेशन मास्टर को हटाने की बात बोली लेकिन शास्त्री जी ने उससे कहा की पहले मे इसकी जाच करवाऊंगा और तब आप को बताऊंगा  और जाच मे  पता चला की स्टेशन मास्टर निर्दोष है | राज्य मंत्री जी के लाख कोसिस करने के…

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आतंकवादी पिता और देश भक्त पुत्र की कहानी

आतंकवादी पिता और देश भक्त पुत्र की कहानी
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वह नवी क्लास मे पढता था | पढ़ाई – लिखाई मे अच्छा तो था ही , साथ मे खेल – कूद मे भी हमेसा फर्स्ट आता था | घर मे उसके अलावा कोई और नहीं था , पिता जी भी कोई नौकरी नहीं करते थे , लेकिन पता नहीं क्यों महीने मे एक बार वो दूसरे शहर के टूर पर जरूर जाते थे | एक दिन उसने पूछ ही लिया – पिता जी , आप महीने मे एक बार हमेसा अकेले ही दूसरे नगर क्यों जाते हो ? लंदन के…

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आंशुओ की कीमत पर पुरस्कार नहीं – चैतन्य महाप्रभु की कहानी

आंशुओ की कीमत पर पुरस्कार नहीं – चैतन्य महाप्रभु की कहानी
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गंगा अपनी लहरो से किनारो को दुलारते हुवे मंद – मंद गति से  आगे बढ़ रही थी | तट पर मल्लाह , यात्रियों के आने के प्रतीक्षा कर रहा था | जितनी जल्दी हो सके वह नाव को पार ले जाना चाह रहा था | क्युकी आज दुसरी तरफ से ज्यादा यात्रियों के आने की आश थी | अचानक उसकी निगाह धीरे- धीरे आते दो नवयुकों पर पडी | वे आपस मे बात करते हुवे नाव की तरफ आ रहे थे , उसने उनको जोर से पुकारा और जल्दी से आने…

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राखी की लाज – एक बीर बालक की कहानी

राखी की लाज – एक बीर बालक की कहानी
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दोपहर का समय था रामनगर के लोग इकठा हुए थे | गाव से कुछ दूरी पर एक नदी थी , जिसमे तैराक गोता लगाकर अपनी कला का प्रदर्सन करते थे | एक सैलानी घूमता – फिरता वहां आया , अपने कपडे उतारे और स्नान करने लगा लेकिन उसको यह नहीं पता था की यहाँ पानी बहुत जादा गहरा है | पलक झपटे ही वह पानी की लहरों की चपेट मे आ गया और जोर -२ से चिलाने लगा बचवो -२ | भाग्य वश वहां करन नाम का एक लड़का खड़ा…

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कोयल और बगुला की कहानी

कोयल और बगुला  की कहानी
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फागुन का महीना था| बसंत ऋतु थी , आम के पेड़ पर बैठ कर सुबह -सुबह कोयल कु – कु कर रही थी | कोयल की मीठी और सुरीली आवाज सुनकर एक बगुला उसके करीब आ पंहुचा , और फिर आकर बोला , कोयल बहन तुम्हारी आवाज मे तो बहुत मिठास है | तो फिर ? मगर तुम्हारी  सूरत तो  काली है , भगवान ने सचमुच बहुत बड़ी गलती की है , बगुला बोला | क्रांतिकारी रामप्रशाद बिस्मिल की कहानी कैसी गलती ? कोयल उत्सुक हो कर बोली | बगुला…

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नया सवेरा – एक अशिक्षित गावं की कहानी

नया सवेरा – एक अशिक्षित गावं की कहानी
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`लहर गावं के  लोग बहुत ही सीधे साधे थे | पढ़ाई – लिखाई से कोसो दूर , उनके लिए कला अक्षर भैंश बराबर था |साहूकार उनकी इस कमजोरी का फायदा उठा रहा था , कहने को वह साहूकार था लेकिन बहुत ही लालची था |जरुरत पड़ने पर वह गावं वालो के घर- जमीं आदि गिरवी रख कर उच्ची ब्याज दर पर रकम उधार दे देता था | झूठी लिखा पढ़ी पर वह उनसे अंगूठा लगवा लेता था , एक बार उधार ले लेने पर गावं वाले उसके कर्ज से हमेसा…

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