नया सवेरा – एक अशिक्षित गावं की कहानी

नया सवेरा – एक अशिक्षित गावं की कहानी
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`लहर गावं के  लोग बहुत ही सीधे साधे थे | पढ़ाई – लिखाई से कोसो दूर , उनके लिए कला अक्षर भैंश बराबर था |साहूकार उनकी इस कमजोरी का फायदा उठा रहा था , कहने को वह साहूकार था लेकिन बहुत ही लालची था |जरुरत पड़ने पर वह गावं वालो के घर- जमीं आदि गिरवी रख कर उच्ची ब्याज दर पर रकम उधार दे देता था | झूठी लिखा पढ़ी पर वह उनसे अंगूठा लगवा लेता था , एक बार उधार ले लेने पर गावं वाले उसके कर्ज से हमेसा…

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