राखी की लाज – एक बीर बालक की कहानी

राखी की लाज – एक बीर बालक की कहानी
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दोपहर का समय था रामनगर के लोग इकठा हुए थे | गाव से कुछ दूरी पर एक नदी थी , जिसमे तैराक गोता लगाकर अपनी कला का प्रदर्सन करते थे | एक सैलानी घूमता – फिरता वहां आया , अपने कपडे उतारे और स्नान करने लगा लेकिन उसको यह नहीं पता था की यहाँ पानी बहुत जादा गहरा है | पलक झपटे ही वह पानी की लहरों की चपेट मे आ गया और जोर -२ से चिलाने लगा बचवो -२ | भाग्य वश वहां करन नाम का एक लड़का खड़ा…

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