सोच का फर्क – एक चप्पल बेचने वाले की कहानी

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हम सब लोग कभी – कभी अपने जीवन में बहुत ही जायदा सोच लेने है और कभी हमारी सोच अच्छी होती है और कभी नेगेटिव होती है । आज मैं आप लोगो को ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ जिसको सुनकर आप का दिमाग खुल जायेगा और आप कुछ जरूर सीख जायेंगे ।

राम और श्याम दोनों एक साथ एक चप्पल बनाने वाली कंपनी में काम करते थे । एक दिन की बात है दोनों को कंपनी के मालिक ने बताया तुम दोनों को एक गावं में जाना है , जहा पर कोई भी चप्पल नहीं पहनता है । तुम दोनों को वहाँ जाकर अपने चप्पल को बेचना है , मालिक की यह बात सुनकर श्याम बहुत ही दुखी हुवा और सोचने लगा यार जहा कोई चप्पल नहीं पहनता है वहाँ जाकर चप्पल कैसे बेचा जा सकता है । जबकि दूसरी तरफ राम बहुत ही खुश था की आज मैं ऐसी जगह जा रहा हूँ , जहा पर कोई चप्पल नहीं पहनता है , मेरा तो सारा चप्पल वहाँ बिक जायेगा और मैं खूब पैसा कमा सकता हूँ ।

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फिर क्या था , दोनों अपने चप्पल को लेकर गावं के पास पहुंच गए । जब दोनों गावं के पास पहुंचे तो श्याम ने राम से बोला भाई पहले तुम जाओ मैं कुक देर बाद आऊंगा । राम मन ही मन यह समझ गया था की श्याम डर गया है , वह बोला कोई बात नही मैं तुम्हरा इंतज़ार करूँगा । फिर राम अकेले ही चल दिया और गावं में पहुंच कर बड़े ही प्यार से लोगो को चप्पल के बारे में बताया , पहले तो लोगो को समझ में नहीं आ रहा था , लेकिन जब राम ने जब और कोसिस किया तो सब लोगो ने राम के चप्पल को लेने के लिए पागल हो गए । बस कुछ टाइम में राम का पूरा चप्पल बिक गया और कुछ लोगो को चप्पल मिला ही नहीं , फिर राम ने श्याम को भी बुलाया और उसका भी सारा चप्पल बिकवा दिया ।

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यह सब देख कर श्याम ने बोला , राम यह सब कैसे हुवा । तब राम ने उसको बताया , यह सब बस सोच का फर्क है । अगर तुम सकारात्मक सोचोगे तो सब कुछ आप के साथ सही होगा , लेकिन अगर आप सबकुछ नकारात्मक सोचोगे तो आप के साथ सबकुछ उल्टा ही होगा ।

इस दुनिया मैं कोई भी काम इंसान से बढ़कर नहीं है बस हम सब लोगो को अपनी सोच बदलने की देर है । अगर आप लोगो को कहानी अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर करे ।

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