नदी और दो दोस्तों के संघर्ष की कहानी

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रोहित और कमल बहुत ही अच्छे दोस्त थे । दोनों हमेसा साथ रहते थे और जो भी करना होता था साथ में ही करते थे , एक दिन की बात है दोनों अपने गांव में बैठ कर कुछ करने के लिए सोच रहे थे की तभी राइट ने कहा कमल चलो शहर की वोर चलते है वही पर चलकर कुछ करते है । फिर क्या था दोनों ने अपने सारे सामान पैक कर लिया और शहर की तरफ चलने लगे । लेकिन रास्ते में एक नदी थी जो की पार करने के बाद आती थी , ठण्ड का मौसम था नदी का पानी बर्फ की तरह हो रहा था । पहले तो दोनों दर से गए , लेकिन थोड़ी देर बाद दू ने हिमत करके आगे बड़े तभी रोहित का पैर फिसल गया और वह गिर गया और वह वापस आ गया । लेकिन काम चलता गया और थोड़ी देर बाद उसका पैर भी फिसल गया , लेकिन कमल रुका नहीं और चलता ही चला गया । रोहित उसको बुलाने लगा और बोला कमल वापस आ जा नहीं तो वही मर जायेगा ।

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कमल बहुत ही हीमत वाला था रुका नहीं , लेकिन कुछ दूर चलने के बाद फिर गिर गया । रोहित फिर बोलने लगा कमल वापस आ जा , लेकिन कमल माना नहीं और कई बार गिरन के बाद वह नदी के दूसरे किनारे पर पहुंच गया । इसके बाद कमल ने रोहित को भी बोला अब तू भी आ जा जैसे में आया हूँ , लेकिन रोहित की हिम्मत नहीं हो रही थी और बोला मैं नहीं आऊंगा अब तुम अकेले ही जावो । मैं अभी यही खुश हूँ और फिर दो दोस्त अलग – अलग रास्ते पर चल दिए ।

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समय बीतता गया और एक दिन कमल अपनी मेहनत से बहुत ही बड़ा आदमी बन गया और रोगित आज भी उसकी गांव में अपनी जिंदगी गुजार रहा है और वह अब बहुत ही पछताता है की काश कमल के साथ मैं भी चला गया होता तो आज मैं भी कुछ काम लायक बन गया होता ।

दोस्तों हमारी लाइफ में भी ऐसा होता है की है हम लोग बहुत सारे काम नहीं कर पाते है और दर के मारे पीछे आ जाते है , लेकिन वही सफल होता है जो लाइफ में बड़ा रिस्क ले लेता है । इस कहानी से हम लोगो को यही सीख मिलता है की हम लोगो को कभी भी हार नहीं मानना चाहिए जबतक हम अपने मकसद में सफल न हो जाये ।कहानी अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर करे ।।

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