रेगिस्तान के खजाने की कहानी |

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इंसान अगर सोच ले की कुछ करना है तो उसको कोई भी रोक नहीं सकता है | बहुत ही पुरानी बात है दो दोस्त थे उनको कुछ अलग करने का हमेसा सौक चढ़ा रहता था | उसी नगर में एक राजा रहता था , जहा पर ये दोनों दोस्त रहते थे | राजा अपनी प्रजा को खुश देखने के लिए कुछ भी करने को तैयार था , एक दिन की बात है राजा को पता चला की राजस्थान के रेगिस्तान में सोना का ढेर है | राजा सुनकर बहुत ही खुश हो गया , लेकिन अगले ही पल वह बहुत ही उदास हो गया जब वह यह सुना उसको वहाँ से लाना बहुत ही कठिन है और इसमे जान भी जा सकती है |

राजा देर रात तक सोचता रहा की क्या करू , फिर उसको ध्यान आया की हमारे राज्य में दो लड़के ऐसे है जो यह काम कर सकते है | अगले दिन सुबह – सुबह राजा ने उन दोनों लड़को बुलाया और बोला तुम लोगो को ऐसा काम करना है | दोनों तुरंत तैयार हो गए , लेकिन उनको एक शर्त थी की एक और लड़का कोई उनके साथ जायेगा जो उनसे भी ज्यादा चलाक हो | ताकि जब हम लोग कोई मुसीबत में आ जाये तो वह हम लोगो की मदत कर सके |

राजा ने बोला इस राज्य में जिसको तुमको ले जाना है ले जाओ , मुझको बस वह सोना चाहिए | फिर क्या ता उन दोनों दोस्तों ने राज्य में कॉम्पीशन रख दिया और बोला जो चुना जायेगा वह हमारे साथ बराबर का हिस्सा लेगा |
दो लोग तैमूर और अली तैयार हो गए और दोनों को दो ऊंट दे दिया गया और बोला की कुछ दूर जाने के बाद तुमको डी रास्ता मिलेगा , एक सही रास्ता होगा और दूसरा गलत होगा जो सही रास्ता पर जायेगा वह हमारे साथ चलेगा |

फिर क्या था दोनों अपने ऊंट के साथ चल दिए कुछ दूर जाने के बाद दो रास्ता पड़ा तैमूर वही खड़ा होकर सोचने लगा और अली बहुत ही आगे एक रास्ते पर निकल गया | करीब एक घंटे चलने के बाद अली भाग के वापस आ रहा था , उसको वापस आता देख तैमूर हसने लगा और दूसरे रस्ते पर चल दिया और सोचने लगा की तैमूर वापस आ रहा है तो वो रास्ता सही नहीं है | दोनों दोस्त और राजा चुप कर दोनों को देख रहे थे , कुछ देर बाद दोनों को बुलाया गया और तैमूर खुश था की उसने ही सही रास्ता पकड़ा है | लेकिन थोड़ी देर बाद राजा ने कहा तुम दोनों के साथ कौन जायेगा ये दोनों दोस्त ही तय करेंगे | फिर एक दोस्त ने बोला तैमूर तुम हमारे साथ नहीं आवोगे | उन दोनों की बात सुनकर राजा और वहाँ खड़े सब लोग दांग रह गए और राजा ने पूछा ऐसा क्यों ? फिर एक दोस्त ने बोला – राजन तैमूर को कुछ नहीं पता था की कौन सा रास्ता गलत है और कौन सा सही है वो तो अली ही था जो पहले गलत रस्ते पर गया उसके बाद तैमूर को पता चला की यह रास्ता गलत है | उसने अपना पूरा समय बस खड़े होने और सोचने में ही गवा दिया | जहा हम लोग जा रहे है वहाँ हमारे पास इतना समय नही होगा की हम लोग सोच सके | इसलिए हमारे साथ सिर्फ और सिर्फ अली ही जायेगा | दोनों की यह बात सुनकर राजा बहुत ही खुश हुवा और कहा मुझको और इस राज्य को तुम दोनों पर गर्व है |

इस कहानी से हम लोगो को यही सीख मिलता है की हम लोग को कोई भी काम करने में बहुत समय नहीं लेना चाहिए | पता चले जो हम करने जा रहे है पता चले कोई और कर गया |

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2 thoughts on “रेगिस्तान के खजाने की कहानी |

  1. deepak rjjj

    Fantastic story

  2. Aapka yah post kafi achha lga. Nice Story aapne shre kiya hain Dhnyabad.

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