पी वी सिंधु के बारे मे कुछ अनसुनी बाते – जो आप नहीं जानते है

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पी वी सिंधु का जन्म ५ जुलाई १९९५ मे हैदराबाद मे हुआ था | वह बचपन से ही बेहद सांत स्वभाव की थी | उनके पिता रेलवे मे नौकरी करते है | सिंधु ने शुरूआती शिक्षा श्री वेंकटेश्वर बाला कुटीर, गुंटूर से हासिल की थी | सिंधु पिछले १२ सालो से बैटमिंटन का प्रैक्टिस करती है | जब पहली बार वह हैदराबाद कोर्ट मे खेलने पहुची तो उनको बहुत शांत देख कर गोपीचंद ने कहा – पहले तुम कोर्ट के बीच मे आकर जोर- जोर से चिल्लाना है , उसके बाद उनको रैकेट पकड़ना है | सिंधु ने पहले तो मना कर दिया , लेकिन कुछ टाइम बाद वह कोर्ट मे आयी और जोर – जोर से चिल्ला दिया | और फिर धीरे-धीरे ये आक्रमकता उनके खेल में शुमार होता गया.

कब-कब किया देश का नाम रौशन
साल 2009 में कोलंबो में आयोजित सब जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में सिंधु ने कांस्य पदक जीता.

साल 2010 में ईरान फज्र इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज के एकल वर्ग में रजत पदक जीता.

साल 2010 के थॉमस और यूबर कप के दौरान वे भारत की राष्ट्रीय टीम की सदस्य रहीं.

साल 2013 में मलेशिया ओपन ग्रां प्री में भी किया था कमाल

सिंधु ने मलेशिया ओपन ग्रां प्री में गोल्ड मेडल जीता.

बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉज मेडल जीता.

मकाउ ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता.

साल 2013 में भारतीय नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब जीता और मौजूदा नेशनल चैंपियन हैं.

मौजूदा साल में मेक्सिको में आयोजित जूनियर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं.

रियो ओलंपिक मे सिंधु ने अपने से अच्छे रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को हराया और अपने भारत देश के लिए मेडल जीत | आज जहा हमारा देश बेटियो को मार देता है वही ऐसे लोगो को सिंधु से सीख लेनी चाहिए की जो बेटा नहीं कर सकता है उससे ज्यादा बेटिया कर देंगी |

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