चालक मेंढक और चूहा की कहानी

Share Button

अगर आप किसी के साथ बुरा करोगे तो आप के साथ भी बुरा होगा |
बहुत ही पुरानी बात है की एक जंगल में एक दो दोस्त रहते थे , एक था मेढक और दूसरा था हमारे चूहा भाई , दोनों की दोस्ती ऐसी थी की मानो दोनों एक दूसरे के बिना कभी जी ही नहीं सकते थे | समय बीतता गया और एक दिन दोनों दोस्त एक साथ घूम रहे थे तभी मेंढक को एक विचार आया और बोला चलो हम दोनों एक दुसरो को एक रस्सी से बाँध ले ताकि हम दोनों कभी भी बिछड़े न | चूहा बोला कोई बात नहीं मेढक भाई तुम्हारे लिए तो जान हाजिर है |

फिर क्या था दोनों ने एक ही रस्सी से अपने आप को बाँध लिया और साथ – साथ रहने लगे | समय बीतता गया और दोनों एक दिन साथ घूम रहे तभी मेंढक को एक तालाब दिखा और वह बिना सोचे ही तालाब में कूद गया और रस्सी से बंधा चूहा भी पानी में चला गया | चूहा चिल्ला रहा था की भाई मैं मर जाऊंगा , लेकिन मतलबी मेढक उसकी के बात नहीं सुना और पानी में तैरने लगा | तभी कुछ टाइम के बाद चूहा रस्सी को खींच कर बाहर लाया और जैसे ही वह बाहर आया उसको एक चील बहुत ही ध्यान से देख रहा था | चील ने चूहे को दबोच लिया और जैसे ही चील ने चूहा को दबोचा मेढक भी उसके साथ जाने लगा और अंत में दोनों की मौत हो जाती है |

दोस्तों इस कहानी से हम लोगो को यही सीख मिलता है की अगर आप किसी के साथ बुरा करोगे तो आप के साथ भी बुरा होगा | कहानी को सबके साथ जरूर शेयर करे |

छोटी चिड़िया की प्यारी  कहानी

बल और बुद्धि की कहानी

Share Button
loading...

Related posts

Leave a Comment