पतंग से सीख – सागर और उसके पिता जी की कहानी Hindi Moral Stories

patang story in hindi
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आज की पीढ़ी बहुत ही तेजी से आगे जा रही है , कभी – कभी हम लोग आगे बढ़ने के चककर में बहुत कुछ  खो देते है | आज की कहानी सागर और उसके पापा की है | सागर बहुत ही अच्छा लड़का है और अभी वह दस साल का है | सागर को पतंग उड़ाने का बहुत ही सौक है , एक दिन वह अपने पापा के साथ पतंग उड़ा रहा था | उसके पापा को पतंग उड़ाने का तरीका उतने अच्छे से नहीं पता था , लेकिन फिर भी वह सागर के साथ पतंग उड़ा रहे थे | जब पतंग ऊपर चली गयी तो सागर बहुत ही खुश हो रहा था , लेकिन एक उच्चाई के बाद पतंग ऊपर नहीं जा रहा था |

यह सब देख कर सागर को बहुत ही गुस्सा आ रहा था , वह अपने पापा से बोला आप पतंग की डोर काट दो वह ऊपर चला जायेगा | लेकिन उसके पापा ने मना कर दिया , फिर तो सागर को गुस्सा आ गया और वह खुद चाकू से पतंग के डोर को काट दिया | पहले तो पतंग ऊपर गयी , लेकिन कुछ टाइम के बाद वह नीचे आ गयी , सागर भी यह सब देख रहा था | सागर के पापा ने बोला देखा न मैंने बोला था की यह गिर जाएगी , अगर डोर नहीं कटी होती तो यह फिर से ऊपर चली जाती |

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अब सागर को समझ आ गया और बोला पापा आप बिलकुल सही बोल रहे हो | दोस्तों इसी तरह हमारी जिन्दगी में भी होता है की हम लोग अपने घर वालों , माता – पिता को छोड़ कर आगे जाना चाहते है | इससे आप आगे तो चले जावोगे लेकिन बहुत ही जल्द नीचे भी आ जावोगे कटी पतंग की तरह | इसलिए हमलोगो को सब के साथ मिलकर आगे जाना चाहिए |
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