मेहनत का सुख – एक राजा और किसान की कहानी

raja aur kishaan ke kahani
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एक बार की बात है एक राजा अपने महल से बाहर जाकर अपने आदमी लोगो के काम को देखना चाहता था | वह एक दिन कड़ी धुप में बहार निकला और देखा एक किसान कड़ी धुप में भी काम कर रहा है और बहुत ही ज्यादा खुश है | किसान कुआँ से पानी निकालकर अपने खेतो की सिचाई कर रहा था , राजा को यह देख कर उस किसान पर दया आ गयी और वह अपने राज्ये में वापस जा कर उस किशान के लिए एक सिचाई का साधन लगवा दिया | किसान और उसकी पत्नी बहुत ही ज्यादा खुश थे की राजा जी ने उनके लिए कुछ काम किया है |

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वक्त बीतता गया और एक दिन फिर राजा अपने राज्ये का भर्मण करने निकले | राजा ने देखा की किशान की सारी फसल सुख गयी है और वह खेतो में भी कोई नहीं है | तभी उसकी नजर पास के एक झोपड़ी पर पड़ी , वह पर कोई दर्द से कराह रहा था | राजा वहाँ जल्दी से पहुंच गया और वहाँ का नजारा देख कर वह बहुत ही दुखित हो गया | उसने देखा की वह किशान जो की कड़ी धुप में भी काम करते हुए खुश था आज वह इतना दुखी क्यों है | राजा ने किसान की पत्नी से पूछा की इसको क्या हो गया है | तब किशान की पत्नी ने बोला – महाराज जबसे आप ने हमारे खेतो में सिचाई की सुभीधा किया है तब से यह बहुत ही आलसी हो गए है और कुछ भी नहीं करते है , इसलिए आज कल यह बहुत बीमार रहते है |
राजा जब अपने महल में वापस आ रहा था तब रास्ते में यही सोच रहा था की उसने ऐसा क्यों किया | फिर उसको समझ में आया की किसी भी इंशान को हद से ज्यादा सुभीधा देना भी हानिकारक होता है |

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दोस्तों इस कहानी से हम लोगो को यही सीख मिलता है की हद से ज्यादा आराम भी हम लोगो को हानिकारक हो सकता है | क्यूमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताये आप को यह कहानी कैसी लगी |

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