अन्धकार को क्यों धिक्कारे अच्छा है एक दीप जलाये

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अन्धकार को क्यों धिक्कारे अच्छा है एक दीप जलाये

आज की दुनिया मे सब लोग सफल होना चाहते है कुछ लोग सफल होते है और कुछ लोग नही हो पाते | जो लोग सफल हो जाते है वो अपने मेहनत और लगन के बारे मे सब को बताते है और जो लोग सफल नही हो पाते है वो लोग अपनी किस्मत को दोष देते है | सफलता मेहनत , लगन और किस्मत तीनो से मिलकर मिलता है , हम सब को अपना काम पुरे मन से करना चाहिए | अच्छा और बुरा वक्त तो आता रहता है , हम सब को इससे कभी भी हार नहीं मानना चाहिए | कर्म करना हमारा काम है और सही से किया गया काम कभी भी बेकार नहीं जाता , अगर आप जिन्दगी मे सफल नही हुए तो क्या हुआ काम से काम आप को नए तजुर्बे आ जायेंगे , जो आप को जिन्दगी मे कभी भी हार नहीं मानने देंगे | ज्ञान एक ऐसे चीज़ है जिसको आप जीतना बांटोगे उतना ही बढ़ेगा ,आप सब को जो भी ज्ञान हो सब को बताया करो , हो सकता है सामने वाला आप को कुछ और भी दे आप की बात से अच्छा |

कायरता – एक अनोखी कहानी

ये कहानी दो दोस्तों की है जो आईएएस की तैयारी करने डेल्ही आये हुए है , दोनों ही पढ़ने मे बहुत ही अच्छे है | अमित और रोहित नाम है दोनों का , अमित बहुत ही मेहनती है और रोहित भी है लेकिन वो भाग्य पर बहुत ज्यादा भरोसा करता है | समय बीतता गया दोनों ने एग्जाम दे दिया अब कुछ टाइम ही बाकी था उनका रिजल्ट आने मे , दोनों अपने रिजल्ट को लेकर बहुत ही टेंशन मे थे क्या होगा | फाइनली एक दिन उनका रिजल्ट आया और अमित पास हो गया और रोहित नहीं हुआ , रोहित को बहुत बुरा लग रहा था और सब से यही बोल रहा था की यार किस्मत ने साथ नहीं दिया | उधर अमित सब को यही बता रहा था के उसने बहुत ही ज्यादा मेहनत की |
इस कहानी से हमें यही सीख मिली की किस्मत को कोसने से अच्छा है की आप को अपने काम और लगन पर ध्यान देना चाहिए |

क्रूर डॉक्टर और दयावान तांत्रिक की कहानी

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