पंद्रह अगस्त क्यों मनाया जाता है| About Independence Day In HIndi

पंद्रह अगस्त क्यों मनाया जाता है| About Independence Day In HIndi
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पंद्रह अगस्त क्यों मनाया जाता है हम सब लोगो को यह बात बहुत ही अच्छे से पता है | यही वह दिन था जब अंग्रेज भारत को छोड़ कर भाग गए थे और उनको लगा था की अब हम और कुछ नहीं कर सकते है | इसी दिन को हम सब लोग आजादी का दिन मानते है | १५ अगस्त १९४७ को हमारा देश हमेसा के लिए आजाद हो गया था और तब से हम सब लोग अपनी आजादी का दिन बहुत ही धूम धाम से मानते है और मनाये…

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दूसरों की मदद कैसे करे | How To Help Everyone

दूसरों की मदद कैसे करे | How To Help Everyone
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गोपाल एक बहुत ही बिजी इंसान था , लेकिन उसको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था की कोई मरे या जीए | वह बस अपने ही मस्त रहता था और हमेसा ही दुसरो को गाली सुनाता रहता था | बड़े दिन हो गया था और वह अपनी पत्नी के साथ कही बाहर नही गया और ऑफिस के काम से बोर हो गया था फिर क्या था ऑफिस से दो दिन की छुट्टी लेकर उसने प्लान बनाया की आज वो अपनी पत्नी के साथ बाहर डिनर के लिए जायेगा…

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सावन की यह कहानी जरूर पढ़े | क्या आप को पता है की सावन क्यों मनाया जाता है |

सावन की यह कहानी जरूर पढ़े | क्या आप को पता है की सावन क्यों मनाया जाता है |
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जब – जब सावन का महीना आता है हम सब लोग बहुत ही खुश हो जाते है | सावन का महीना बहुत ही अच्छा मौसम होता है , कभी तेज बारिश तो कभी धीरे – धीरे चारो तरफ हरियाली ही हरियाली होती है | सावन का महीना भगवान् शिव का महीना भी कहा जाता है , सब लीग इस महीने में शिव जी की पूजा अर्चना करते है | कहा यह भी जाता है की जो लोग सावन के महीने में भोले बाबा का सही से पूजा करते है उनकी…

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जाने गुरु पूर्णिमा क्यों मनाया जाता है |

जाने गुरु पूर्णिमा क्यों  मनाया जाता है |
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गुरु पूर्णिमा हमारे देश की एक बहुत ही अच्छी परम्परा है | बहुत ही पुराने समय से चली आ रही यह परम्परा गुरु और उसके शिष्य की है | हम सब लोग को यहाँ पता है की बिना गुरु के ज्ञान मिलना बहुत ही मुश्किल है | तो गुरु पूर्णिमा को हम सब लोग अपने गुरु के लिए ब्रत रकते है और उनका आशीर्वाद लेकर अपने जीवन को धन्य बनाते है | गुर गोविन्द दोउ खड़े , काके लगे पाँव , बलिहारी गुरु आप ने गोविन्द दियो बताय | कभी…

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एक जंगली डाकू की प्रेरक कहानी |

एक जंगली  डाकू की प्रेरक कहानी |
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बहुत सारे लोगो को मैंने यह कहते हुए सुना है की , जो कुछ मैं कर रहा हूँ वह अपने परिवार के लिए कर रहा हूँ | चाहे वह चीज गलत ही क्यों न हो , एक बात तो साफ़ है जो इंसान जो कर्म करात है फल उसी को मिलता है | बहुत पुरानी बात है , एक बहुत ही घाना जंगल था | उस जंगल में बहुत सारे डाकू रहते थे , लेकिन उनमे से एक डाकू बहुत ही खतरनाक था | उस डाकू का नाम अंगुलीमाल था…

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धोबी का कुत्ता न घर का और न घाट का |सीख देने वाली कहानी

धोबी का कुत्ता न घर का और न घाट का |सीख देने वाली कहानी
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आज की कहानी बहुत ही मोटिवेशनल है | दीपक नाम का एक लड़का था जो की फूटबाल बहुत ही अच्छा खेलता था , लेकिन उसका मन कही एक जगह तो लगता ही नहीं था | वह वही काम बहुत ज्यादा करता था , जो दूसरे लोग करते थे | कभी वह फूटबाल खेलता था और कभी वह क्रिकेट खेलता था , उसको खुद नहीं पता था की करना क्या है और होना क्या है |एक दिन की बात है की कुछ दोस्त न्यूज़ पेपर लेकर पढ़ रहे थे , उसमे…

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कर्म और भाग्य की कहानी | Inspirational Story In Hindi

कर्म और भाग्य की कहानी | Inspirational Story In Hindi
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इस दुनिया में बहुत से ऐसे लोग है जो अपने काम करने के तरीके को अलग से करते है| कुछ लोग है जो मेहनत को काम वैल्यू देते है और कुछ लोग है जो भाग्य को ही सबकुछ समझते है | एक बहुत ही घना जंगल था उसमे एक महात्मा जी रहते थे , जंगल एक नदी के बीच में था और नदी के दोनों किनारो पर दो राजा रहते थे | दोनों राजा एक दूसरे के दुसमन थे , दोनों एक दूसरे को देखना पसंद नहीं करते थे |…

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मानव जब जोर लगाता है , पत्थर पानी बन जाता है |

मानव जब जोर लगाता है , पत्थर पानी बन जाता है |
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मानव जब जोर लगाता है , पत्थर पानी बन जाता है |हम सब लोग यह जानते है की अगर इंसान कोई भी काम को ठान ले तो वह कर सकता है | लेकिन अगर वह काम मन से किया जाये तो और अच्छा होता है |आप लोगो को मैं एक उदहारण देता हूँ की जैसे की रसी के बार – बार घिसने से कुवा पर निसान बन जाता है | लेकिन यह काम एक बार करने पर कभी नहीं होता है | इसके लिए आप को लगातार लगना पड़ता है…

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एक मास्टरनी की कहानी |

एक मास्टरनी की कहानी |
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मैं और पिताजी चुपचाप माँ का दैनिक प्रवचन सुन रहे थे, “आप हमेशा उसका पक्ष लेते हैं। विनोद से क्या‌ कहें,वो तो है ही बीवी का गुलाम! एक काम ढंग से नहीं करती, बस पर्स लटकाया और चल दीं स्कूल। हर बात पर जवाब देती है। बहुत तेज़ है मास्टरनी!” मैं समझ नहीं पाती थी कि माँ को क्या खराब लगता है?भाभी का पर्स लटकाना, गलत बात पर जवाब देना या ‘मास्टरनी’ होना? घर के काम करती हैं, सबका ध्यान रखती हैं, फिर भी? 1- में तो ज्ञान का प्यासा हूँ…

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बारिश में जब उसकी याद आयी | बीते लम्हे जब याद आते है |

बारिश में जब उसकी याद आयी | बीते लम्हे जब याद आते है |
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बाहर बारिश हो रही है, झमझमा के, चाय बनाये है बॉलकोनी के बैठ कर चाय पीते हुए देख रहे थे इन बारिश के बूंदों को की अचानक से सब को किनारे करते हुए तुम्हारी याद आ गई, हमेशा की तरह यादों के दरवाजों धकेलते हुए जैसे जी ये आई सब रुक सा गया, बारिश की वो बूंद, चाय से उठती भाप और नीम के पेड़ की पत्तियां सब की सब.लगा जैसे जिंदगी फ़िर उसी मेज़ पर जा कर रुक गयी जहाँ तुम मिले थे मुझसे, बारिश की वो बूंद जो टिकी थी balcony…

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एक खुश किस्मत बहू की कहानी |

एक खुश किस्मत बहू की कहानी |
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मेरी मैरिज तय होने के समय से हीे मोबाइल पर बात होने लगी थी मेरी इनसे, अच्छे लगे थे मुझे ये, सुलझे हुए से….नेक इंसान । मैं अक्सर इनसे पूछती कि अगर मेरी और आपकी मां में कभी कोई झगड़ा हुआ तो आप किसका साथ देंगे, …..इनका जवाब होता ‘पता नहीं’। बस इस एक बात के अलावा मुझे ये बहुत अच्छे लगने लगे थे।जब मैं पहली बार इस घर में आई थी तो बहुत अजीब सा था सब। मेरे घर में सब कितना घुलमिल कर रहते, कभी कभी तो हम…

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हमसफ़र क्या चीज है बुढ़ापे में समझ आएगा | कहानी एक बार जरूर पढ़े |

हमसफ़र क्या चीज है बुढ़ापे में समझ आएगा | कहानी एक बार जरूर पढ़े |
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मुझे अगले संडे को किटी पार्टी में जाना है सुदेश,तुम तो जानते हो मेरी फ्रेंड्स किटी में कितनी सज सवंर कर आती है …और मैंने तो अभी तक भी शॉपिंग नहीं की है….. रागिनी आईना के सामने खड़ी होकर साड़ी के पल्लू अपने कंधे पर सलीके से जमाते हुए बोली…., सुदेश इस बार मैं किटी शॉपिंग के लिए बहुत लेट हो गयी हूँ…. और किटी के बाद मुझे कच्ची बस्ती के बच्चों के पास भी जाना है…वहाँ मैं कुछ न्यूज़ पेपर वालो को भी बुलाऊंगी अगले दिन के न्यूज़ पेपर…

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एक सोच बदलने की जरुरत है ।

एक सोच बदलने की जरुरत है ।
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अभी-अभी व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला, बेहतरीन लगा इसलिए…… “मेरे आगे वाली कार कछुए की तरह चल रही थी और मेरे बार-बार हॉर्न देने पर भी रास्ता नहीं दे रही थी। मैं अपना आपा खो कर चीखने ही वाला था कि मैंने कार के पीछे लगा एक छोटा सा स्टिकर देखा जिस पर लिखा था “शारीरिक विकलांग; कृपया धैर्य रखें”!और यह पढ़ते ही जैसे सब-कुछ बदल गया!! मैं तुरंत ही शांत हो गया और कार को धीमा कर लिया। यहाँ तक कि मैं उस कार और उसके ड्राईवर का विशेष खयाल…

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