एक ऐसी बूढ़े बाप की कहानी जो हमको कुछ सीखा देगी

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हम सब लोग अपने जीवन में कुछ ऐसा करते है जिससे हम लोगो को बहुत ही सीख मिलता है । आज की कहानी आप के दिल को अंदर से हिला देगी । सुनील अपनी पत्नी , बच्चे और पिता के साथ शहर में रहता था , सुनील एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था और सुनील के पिता एक रिटायर्ड कर्मचारी थे । पिता जी काफी बूढ़े हो चुके थे और जब भी कुछ काम करते थे तो हाथ हिलता रहता था । एक दिन की बात है सुनील ऑफिस से घर आया और उसके पिता खाना लेकर खाने जा रहे थे तभी उनके हाथ से खाना गिर गया और सारी दाल सुनील के कपडे पर आकर गिर गयी । सुनील बहुत ही गुस्सा होने लगा और उसकी पत्नी ने खूब भला बुरा बोल दिया , यह सब सुनील का छोटा बेटा बड़ी धयान से देख रहा था । जब सुनील और उसकी पत्नी अंदर चले गए तो वह लड़का अपने दादा जी को उठाने गया ।

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फिर क्या था सुनील और उसकी पत्नी ने मिलकर सोचा की इनका खाने का बर्तन अलग कर दिया जाये और अगले दिन उन्होंने ने वही किया । सुनील की पत्नी ने अपने ससुर के लिए अलग से बर्तन निकाल दिया , सुनील का बेटा यह ड्रामा बहुत ही धयान से देख रहा था । एक दिन की बात है सब लोग खा रहे थे तभी सुनील के पिता जी के हाथ से फिर बर्तन गिर गया , यह देख सुनील का बेटा बोला अरे दादा जी यह बर्तन संभाल के रखो आप जब मेरे मम्मी , पापा बूढ़े हो जायेंगे तो मैं उनको दूंगा ।

अपने लड़के के मुँह से यह बात सुनकर सुनील और उसकी पत्नी के पैरो तले से जमीन खिशक गयी हो । दोनों ने पूछा बेटा यह आप को किसने बताया है तो लड़के ने बोला किसी ने नहीं मैंने तो आप लोगो से ही सीखा है की जब कोई बूढ़ा हो जाता है तो उसका बर्तन अलग कर दिया जाता है । इसके बाद क्या था सुनील और उसकी पत्नी को अपने किये पर बहुत ही जायदा अफ़सोस हो रहा था और दोनों ने अगले ही दिन अपनी पिता का खाना अपने साथ लगवा दिया और बर्तन भी चेंज कर दिया ।

तो दोस्तों इस कहानी से हम लोगो को यही सीख मिलता है की हम लोग अपनी बच्चो को जैसा सीख देंगे हम लोगो को भी वैसा ही सीख मिलेगा । अगर आप लोगो को यह कहानी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे ।।

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