एक कॉलेज के लड़की की कहानी |

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कॉलेज मे नये students की दाखीला हो चुकी थी, और करीब करीब हर कॉलेज मे नये students के साथ रेगींग करते है कॉलेज के सिनीयेर students…ऐसे ही कॉलेज मे आज रेगींग हो रहा था नये students की, कुछ लडकीया थी तो कुछ लड़के ।उन्हीं लडकीयो के बिच एक बेहद खूबसूरत लड़की थी अंजलि भारद्वाज। जो बेहद ही खूबसूरत थी और कॉलेज की सबसे आकर्षक लड़की, जो भी देखे बस नजर हटाये बिना देखते रहे। और उन्हीं नये students की भीड़ मे एक शरारती सा पागल नेपाली लड़का भी था , Prince moktan..
सभी नये students सिनीयेर लडको के आगे सर झूकाये खड़े थे, उतने मे ही सिनीयेर का ग्रुप लिडर जो रेगींग करवा रहा था आगे आके अंजलि के सामने खड़ा हो जाता है, और कहता है।
लिडर – नाम बेबी..
अंजली सर झूकाये कहती है- अंजली भारद्वाज।
लिडर – तुम्हारी खूबसूरती देखकर मन तो नहीं करता कि तुम्हें बस देखता रहूँ। चलो तुम्हें एक आसान सा काम देता हूँ ।
बस तुम सबके सामने जोड़ से मुझे I love you बोल दो। मगर मेरा नाम लेकर, मेरा नाम है बूँदीलाल,
चलो शुरू हो जाओ।मगर अंजलि शर्मा के सर झूकाये खड़ी रह जाती है तभी बूँदीलाल आगे कहता है कि तुम्हें आसान सा काम दिया वह भी नहीं हो रहा है तुमसे,
चलो ठिक है तुम अपने गले का दुप्पटा खोलके निचे फेंक दो। मगर तभी कोई लड़का बिच मे से चिल्लाता है..अरे बूँदीलाल सर जी जल्दी किजीऐ जो करना है हमें देर हो रही है।
बूँदीलाल – कौन बोला? अरे सामने आ कौन बोला?

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तभी वह नेपाली लड़का जिसका नाम प्रिंस मोक्तान था आगे आके बोलता है।
जी सर मैं बोला😂
बूँदीलाल – अच्छा पहाडीये तूझे जल्दी है जाने की? चल पहले नाम बता,
प्रिंस – Prince moktan tamang lama 😂😂😂
बूँदीलाल – शक्ल से तो पूरे गंवार और बेवकूफ लगते हो और नाम है प्रिंस?
चल प्रिंस तुझे जल्दी है तो तुझे ही पहले छोडता हूँ ।
आके मेरे चरणों मे सर रखकर ऐसा बोल, भैया मुझे आर्शीवाद दो ताकी मैं पढ़ाई अच्छा कर सकूँ ।
प्रिंस अब आगे बढ़ता है बूँदीलाल के चरणों पर सर रखने। सबकी नजर अब प्रिंस पर है अब अंजलि भारद्वाज भी अपनी नजर उठाये प्रिंस को देखने लगती है। प्रिंस आगे बढ़ते हुए बूँदीलाल के करीब जाके उसके चरणों मे जैसे ही झूकने ही वाला होता है कि न जाने उसे क्या सूझता है उठकर दौड़ के अंजलि भारद्वाज के पास आके जोड़ से कहता है..
क्या तुम मुझसे शादी करोगी?😂😂😂
फिर जवाब का इंतजार किये बिना दौड़कर बूँदीलाल के पैर छुकर कहता है।
बूँदीलाल भैया आर्शीवाद दो ताकी मैं आपकी बहन अंजलि को सदा खुश रख सकूँ 😂😂😂😂😂
इतना कहते ही दौड़कर रेगींग हल से बाहर भाग जाता है। सब हक्के बक्के रह जाते हैं यंहा तक कि ग्रुप लिडर बूँदीलाल भी। बूँदीलाल के आलावा वहाँ जूनियर सिनीयेर सारे हंसते है यंहा तक अंजलि भी मुँह छुपाकर हंसने लगती है। प्रिंस की बेवकूफी कहे या समझदारी मगर जो भी था रेगींग वहीं पर खत्म हो चुका था, सब बाहर निकलते है रेगींग हल से और सबके मुँह पर अभी प्रिंस की हरकतों की ही चर्चा थी, इधर अंजलि भी अपने सहेलियों के साथ निकलती है।
सहेलिया- कमाल कर दिया उसने तो, सबको बचा लिया, वैसे शादी का अफर अच्छा था😂😂
अंजली – मेरी जुती भी शादी न करे उस पागल से😠😠
सहेलिया – जो भी हो आखिर उसने तूझे भी तो बचाया?
अंजली – मैं खुद को भी बचा सकती थी,
सहेलिया – अच्छा जी, इसलिए उसकी हरकतों पे मुँह छिपाकर हंस रही थी,
अंजली – अरे उस पागल ने हरकत ही ऐसी कर दी थी कि किसी की भी हंसी निकल जाये।
तभी अंजलि की सहेलिया कहती है। वह देख वह पागल प्रिंस अपने दोस्तों के साथ बैठा हंस रहा है जरूर तेरी ही बाते कर रही होगी..
अंजली – चल तो उसको सबक सिखाते हैं । फिर सभी प्रिंस के पास आती है जो अपने दोस्तों के साथ मस्ती मे बेखबर हंस रहा था।
तभी अंजलि कहती है..ए मीस्टर सुन?
प्रिंस – आप मुझे बोल रही है क्या देवी जी😂😂?
अंजली- खुद को बड़ा हिरो समझता है क्या रे तू😠😠
प्रिंस – तुम मेरी रेगींग करने आई हो या खुद की रेगींग करवाने😂😂
अंजली – तेरी हिरोगीरी निकालने😠
प्रिंस – लो सुनो मैडम की बात। इज्जत बचाई उसका आभार प्रगट न करके उल्टा मेरी इज्जत उतारने आई है।
अंजली – तुमने जो कहा मुझे उस बात से मुझे कितनी शर्मीन्दगी हुई क्या इसका एहसास है तुझे?
प्रिंस – sorry 💞दिल से💞 मगर उस वक्त हालत सब आपके खिलाफ थे इसलिए मैंने ऐसा जानबूझकर किया की उस बूँदीलाल और सभी का ध्यान आपसे भटका सकूँ । बस इतना ही कह रहा था कि बूँदीलाल और उसके चमचे पहुँच जाते है उनके पास ।
बूँदीलाल – ये पहाड़ी ये मत समझ की तेरे शादी की बात कह देने से अंजलि जी तुमसे इम्प्रेस हो जायेगी। अंजलि भारद्वाज सिर्फ मेरी है। क्यों अंजलि जी ठीक कहा न मैंने?
प्रिंस – अरे बूँदीलाल जी..मुझे आपकी अंजलि भारद्वाज से क्या लेना देना, आपने रेगींग कि और हमने रेगींग का जवाब दे दिया। कहानी खत्म, अब आप जानो या आपकी अं…ज…लि मैडम जाने । मगर जाते जाते इस पहाड़ी की बात सुनते जाईये।
आप येदी किसी सियासत की खूबसूरत राजकुमारी के कनपटी पर बंदूक रखके जबर्दस्ती I love you बोलने कहेंगे तो वह I love you तो क्या डर के मारे शादी भी कर ले। और जबर्दस्ती I love you बोलने लगवाना किसी लड़की से उसे प्यार नहीं उस जबर्दस्ती करना कहते है और किसी भी लड़की के सीने फे दुप्पटा उतारने की बात करने वाला शख्स समझ लिजीये उसने बलात्कार कर दिया है।
फिर प्रिंस उठकर जाने लगता है फिर कुछ सोचकर वापस आके अंजलि को कहता है।
अंजली जी आपने हाथी तो देखी होगी, एक लम्बी सूढ चार बड़े बड़े पैर दो बड़े बड़े कान और बिशालकाय शरीर। जानवरों मे सबसे बड़ा मगर वह कभी कभी एक कुत्ते के भौकने से भी डर के भाग जाता है। इसका मतलब ये नहीं की वह कुत्ते से डर गया । मगर इसलिए क्योंकि वह अपने विशालकाय शरीर को जानता नहीं है जो पहाडो को भी तोड़ सकता है इसकी वजह है उसके दो बड़े बड़े कान जो हमेशा उसके पिछे के हिस्से को छुपाके रखता है इसलिए वह अपनी ताकत का अंदाजा लगा नहीं पाता, बस ऐसा ही कुछ है आप नारी जाती से जो कुछ कुत्तों की हरकतों से डर जाती है। दुनिया का कोई भी मर्द क्यों न हो उसे इस धरती पे आने के लिए नारी के ही गर्भ के रास्ते आना होता है। वह मर्द धरती मे आने से पहले उसे 9 महिने एक नारी के कोख मे नारी के रहमो करम पर जीना पड़ता है। नारी खाये तो उसका पेट भरता है। नारी साँस ले तो वह जिंदा रहता है। जैसे किसी अंधेरे काल कोठरी मे जब एक कैदी को रखा जाता है तो वह मर ही जाता है बिना साँसो के मगर एक छोटा सा रोशनदान होता है जो उसे जीने की हवाये देता है।
ऐसे होते है हम सभी इंसान नारी की कोख मे ऐसे ही होते हैं बस वह रोशनदान जिसे हम नारी कहते है उसी की सासो से हम जिंदा रहते हैं। आप नारी चाहो तो हम गंदे मर्दो की कुछ औकात नहीं है आप नारीयो के आगे मगर आज हम गंदे मर्दो से ज्यादा आप नारीयो की वजह से नारी अकेली आसहाय और मजबूर कहलाती है। चाहे चकले( कोठे) पे चले जाओ वहाँ की मालकीन एक नारी मिलेगी, चाहे दहेज की बात करो वहाँ भी एक नारी की भूमिका होती है। चाहे बहू को जलाया जाना चाहे बहू उत्पीड़न सबमे एक नारी के खिलाफ एक नारी की ही अहम भूमिका देखी गई है। आज भी जब आपके दुप्पटे पे बात आई तो आपके सहेलिया तक चुपचाप आपके दुप्पटा गिरने की राह देखती रही और बूँदीलाल जैसे लोग जो नारी की कोख से निकलकर नारी की इज्जत उतारने पर खुद को मर्द समझते हैं । ये कुछ लोग फेसबुक मे पोस्ट करते है न कि…लड़कीयो से छेड़छाड़ करने वाले मर्दो के घर मां बहन नहीं होती है क्या? मगर मैं कहता हूँ कि होती है और वह ऐसी गंदी हरकत घर से ही सिखकर आते हैं वरना कोई भी कुछ सिखे बिना एक अनाडी बनकर कभी मैदान मे नहीं उतरता,
अब रही मेरे सिखने की बात तो मैंने वही सिखा अपनी माँ से जो उन्होंने मुझे पैदा होने के बाद सिखाया और पैदा होने से पहले अपने कोख मे सिखाया क्योंकि मेरी मा की हर हरकतों ने मुझे सभी नारीयो का सम्मान करना सिखाया है।
मेरी शादी करने की बात आपको बुरी लगी मगर बूँदीलाल जैसे लोगों की गंदी हरकतों को आपने नजरअंदाज करके फिर से दोबारा किसी और नारी के साथ गंदी हरकते करने का आपने लाईलेंस दे दिया।
मै गलत हूँ तो 💞 दिल से 💞 sorry
येदी नहीं तो नेक काम मे देरी न करे…
सेन्डल खोलके इस नार्मद को इंसान बनाये😂😂😂
बस इतना कहना था।
बूँदीलाल के जिस्म पर न जाने कितने सेन्डल टूट गये😂😂😂😂😂 समाप्त
लेखक Prince Moktan Tamang

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